पंचायती राज क्या है , इसकी शुरुआत केसे हुए ?

 पंचायती राज क्या है ? 

पंचायती राज गाओ की एक प्रणाली है जिस प्रकार देश की एक सरकार होती है जिसे पूरे देश के लोग चुनते है और एक राज्य की सरकार होती है उसे भी आम लोग चुनते है उसी तरह से कुछ गाओ को मिलकर एक पंचायत का निर्माण होता है और उस पंचायत को चलाने के लिए पंचो का चुनाव होता है इसी को पंचायती राज खा जाता है । 

यानि की भारत मै स्थानीय लोगो द्वारा किया जाने वाला स्व शासन जिसमे की वो अपने प्रधान और वार्ड मेम्बर को चुनते है । 
यानि की घर गाओ मै स्थानिए लोगो का अपने मै से ही किसी को चुनना और 5 साल तक पंचायत मै विकास कराय करना यही सभी पंचायती राज मै आता है । 

पंचायती राज क्या है


पंचायती राज का गठन कब हुआ ?

भारत मै पंचायती राज का गठन 2 अक्तूबर 1959 मै राजस्थान से हुआ था यानि की भारत मै पंचायत की शुरुआत पहले राजयस्थान मै हुए थी उसके बाद मै भारत के अन्य राज्य मै इसकी शुरुआत हुए । 

पंचायती राज की शुरू आत राजयस्थान मै भारत के पहले प्रधान मंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने की थी जिसकी शुरुआत आगे चल कर पूरे भारत मै हुए थी पंचायती राज से गाओ गाओ का विकास होना बाद मै शुरू हो गया था यह एक भारत सरकार का बेहतरीन कदम माना जाता है । 

 पंचायती राज की शुरुआत केसे हुए ?

यह एक सपना था महात्मा गांधी जी का वो भारत को एक राम राज्य के रूप मै देखना चाहते थे उनका सपना था की भारत मै एक पंचायत राज वयवस्था हो जिसमे की गाओ के लोगो की भागीदारी हो कुयुंकी अपने गाओ से बहतर व्न्हा के लोगो के अलावा कोई भी नहीं जान सकता उस गाओ को इसलिए गांधी  चाहते थे की पंचायती राज की शुरुआत भारत मै हो और हर एक गाओ का विकास हो । 

भारत मै पंचायती राज का सपना महात्मा गांधी जी का था वो खुद तो इसको पूरा नहीं कर सके थे पर आज़ादी के बाद भारत के पहले प्रधान मंत्री जवाहर  लाल  ने यह सपना  गांधी का पूरा किया था और भारत मै प्ंचयती राज की स्थापना की थी  इस तरह से भारत मै प्ंचयती राज की शुरू आत हुए थी । 



  पंचायती राज का चुनाव कोन कराता है ?

भारत बर्ष मै पंचायती राज का चुनाव , चुनाव आयोग द्वारा ही हर राज्य सरकार की सहायता से कराये जाते है जिस तरह से भारत के चुनाव , चुनाव आयोग आयोजित करता है उसी तरह से पंचायती राज  के चुनाव भी होते है लेकिन पंचायती राज  के चुनाव आज भी वेल्ट पेपर से किए जाते है न की किसी वोटिंग मशीन से । 

भारत का पंचायती राज  तीन भागो मै बांटा हुआ है - 
  1. ग्राम पंचायत 
  2. पंचायत समिति 
  3. जिला परिषद 

 पंचायती राज वयवस्था की कमजोरिया क्या है ?

भले ही आज भारत मै पंचायती राज  वयवस्था को शुरू हुए 60 साल से अधिक का टाइम हो गया है उसके बाद भी भारत के पंचायती राज  व्यवस्था की आज बहुत सी कमजोरिया है यह भारत का पहला लोलतंत्रिक व्यवस्था होती है अगर इसमे भी कमी हो तो देश के विकास मै भूत सी वाधा आती है । 

पंचायती राज  का काम होता है वो गाओ का विकास करे और वो विकास तब होगा जब केंद्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओ का लाभा गाओ के हर एक आदमी को मिलेगा तभी हर एक गाओ का विकास होगा और राज्य का विकास होगा अगर राज्य का विकास होगा तो देश का विकास होगा । 

लेकिन भारत के पंचायती राज  मै आज भी एसी बहुत सी कमजोरिया है की जिसके आधार पर देश का विकास तो कभी भी अच्छे से नहीं हो सकता है । 

1. योगय प्रधानो एवं विशेषज्ञो का अभाव - 


गाओ मै अक्सर क्या होता है की गाओ मै लोग बहुत जायदा पढे लिखे नहीं होते है अगर कोई पढ़ा लिखा होता भी है तो वह पहले ही गाओ से बाहर शहरो मै होता है और न ही वह गाओ की राजनीति मै जायदा रुचि रखता है जिस से गाओ के विकास की गति रिक जाती है । 

अब आप ये कहेगे की हमरे देश के मंत्री राज्य के भी पढे लिखे क्न्हा  होते  है  जायदा तर नहीं होते है लेकिन सब नहीं कुछ तो अचे खासे पढे लिखे होते है लेकिन वो कम पढे लिखे हो तो उनके लिए व्न्ह पर उनके साथ बहुत पढे लिखे लोग होते है जो की HAS, IAS , UPSE जेसे परीक्षा को पास कर के व्न्ह तक पाहुचे होते है । 

वही देश के लिए योजनाए बनते है पर ग्राम पंचायत मै ईसा नहीं होता है व्न्ह पर प्रधान को अपने लेवल पर काम करना पढ़ता है । 

अगर कोई विशेषज्ञ है भी तो पोलिटिओन उसे सही  तरीके से काम करने नहीं देगे यह भी एक बहुत बड़ी समस्या है पंचायती राज  मै । 

2. काम मै देरी और लापरबही -


यह भी देखा गया है भारत के पंचायती राज  मै की कामो को देरी के स्था किया जाता है और गरीब लोगो के कामो को दबाया जाता है उन से पेसे भी लिए जाते है मानो किसी के घर को बनाने के लिए सरकार के द्वारा पेसे आए है वी उस आदमी तक सही टाइम और पूरे रूप मै भी नहीं पाहुच पते है । 

मै ये नहीं कह रहा भारत के हर एक पंचायत मै ईसा होता है लेकिन बहुत सी जगह आज भी ईसा ही होता हिय जो की भारत की पंचायती राज  की मुखय चुनोटियों मै से एक है । 

गरीब को तो पता तक नहीं होता है की पंचायत मै क्या काम आया है या सरकार को कोन सी योजना आई है जिसका ऊसको लाभ मिलेगा असल मै वो जो योजनाए उसके लिए बनी होती है वो उस तक पाहुच ही नहीं पति है । 

3. बजट का अभाव - 

यह भी एक मुखय चुनोती है पंचायती राज  की पंचायत मै उतना बजट नहीं होता जितना होना चाहिए लेकिन अब धीरे धीरे तो पंचायत का बजट बढ़ रहा है पर पहले तो बहुत ही हालत खराब थी हर एक पंचायत आर्थिक अभाव मै  रहती थी । 

पर फिर भी ग्राम पंचायत प्रधान और जला परिषद के पास एक अच्छा बजट होना चाहिए ताकि वे अपने पंचायतों का विकास अच्छे से कर सके । 


4. जन सहभाग की कमी -

हर गाओ मै जन सहभाग की कमी होती है जो देश और उस गाओ के विकास मै बहुत वाधा डलते है बहुत से गाओ एसे होंगे की आपस मै किसी की नहीं बनती है तो इस वझा से भी गाओ मै बहुत से कामो मै फर्क पढ़ता है देश के विकास की गति भी एसे रुक जाती है देश का विकास भी तभी होगा जब भारत के हर एक गाओ का विकास होगा । 

इसलीय सभी को मिल कर गाओ मै काम करना चाहिए ताकि देश और गाओ का विकास हो सके गाओ के हर एक आदमी को पंचायत की ग्राम सभा मै भाग लेना चाहिए और और आणि बात रखनी चाहिए पर एसा नहीं होता है ग्राम सभा मै बहुत कम लोग आते है और गाओ की बहुत सी योजनाए होती है जो फिर सही रूप से नहीं लागू की जाती है । 

इस तरह से बहुत से पेसे वफिस चले जाते है जिंका कभी उपयोग ही नहीं किया जाता है । 
यह भी पंचायती राज  मै मुखय चुनोटि है । 

5. मशीनरी का अभाव - 

पंचायती राज  मै यह भी बहुत ज़रूरी है की अछि मशीनरी पंचायत के पास हो ताकि गाओ मै जो काम हो उसको आसानी से किया जा सके इसमे हर पंचायत की अपनी 2 जरूरत हो सक्ति है तो उनको उस तरह से हर चीज का प्र्व्न्ध करना चाहिए ताकि देश और पंचायत का विकास तेजी से हो । 

6. दल वाली राजनीति - 


जेसे की आपको पता है भारत मै दलवाली राजनीति चलती है लेकिन मेरा मानना है की इस तरह की राजनीति पंचायती राज  मै नहीं होनी चाहिए इस से पंचायत के कामो मै बहुत जायदा रुकाबाट आती है और इस तरह से गाओ मै आपस मै दुश्मनी भी हो जाती है और आपसी भाईचारा भी खतम हो जाता है जो की बहुत ही गलत बात है जिसके कारण से विकास कार्य मै बाधा उत्पन होती है । 

 पंचायती राज वयवस्था किस अनुछेद मै ?

भारत की पंचायती राज  वयवस्था भारत के संविधान के  अनुछेद 243 मै है । पंचायती राज अधिनियम , मै 1992 को 73 वा संशोधन किया गया था और इसको सविधान के भाग 9 मै और अनुछेद 345 मै रखा गया है । 
यानि की इसके अंतर्गत पंचायती राज  की व्यवस्था की गयी है । 

 पंचायती राज किस सूची मै शामिल है ? 

पंचायती राज भारत के संविधान की  11 वी अनुसूची मै है और इसको राज्य की सूची मै रखा गया है और पंचायती राज  राज को 73 बे संशोधन मै 11 सूची मै डाला गया था । 

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